Archive for the ‘हिन्दी’ Category

Happy Independence Day

ઓગસ્ટ 15, 2009

मधुराष्टकम्

જાન્યુઆરી 8, 2009

अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
हृदयं मधुरं, गमनं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरम् ।।१।।

वसनं मधुरं, चरितं मधुरं, वचनं मधुरं वलितं मधुरम्,
चलितं मधुरं, भ्रमितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्।।२।।

वेणर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ,
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।३।।

गीतं मधुरं पीतं मधुरं, भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्,
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।४।।

करणं मधुरं, तरणं मधुरं, हरणं मधुरं, रमणं मधुरम्,
वमितं मधुरं, शमितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।५।।

गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा,
सलिलं मधुरं, कमलं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।६।।

गोपी मधुरा लीला मधुरा, राधा मधुरा मिलनं मधुरम्,
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।७।।

गोपा मधुरा गावो मधुरा, यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा,
दलितं मधुरं, फलितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।।८।।

सूना था

મે 4, 2007

सूना था कि वो आयेंगे अंजुमन मे, सूना था कि उनसे मुलाकात होगी
हमे क्या पता था, हमे क्या खबर थी, न ये बात होगी, न वो बात होगी

मे कहेता हुं इस दिलको दिलमे बसालो, वो कहते है हम्से निगाहें मिलालो
निगाहों को मालुम क्या दिल की हालत, निगाहों निगाहों मे क्या बात होगी

हमे खिचकर लाया है इश्क तेरा, तेरे दर पे हमने लगाया है डेरा
हमे होगा जब तक ना दिदार तेरा, यहीं सुबह होगी, यहीं रात होगी

महोब्ब्तका जब हमने छेडा फसाना, तो गोरें से मुखडे पे आया पसीनां
जो निकले थे घरसे तो क्या जानते थे, कि यु घुपमे आज बरसात होगी

खफा हमसे होके वो बैठे हुवे है, रकीबोमे घिरके वो बैठे हुवे है
न वो देखते है, न हम देखते है, यहां बात होगी, तो क्या बात होगी

– અજ્ઞાત