सूना था

By રાજીવ ગોહેલ

सूना था कि वो आयेंगे अंजुमन मे, सूना था कि उनसे मुलाकात होगी
हमे क्या पता था, हमे क्या खबर थी, न ये बात होगी, न वो बात होगी

मे कहेता हुं इस दिलको दिलमे बसालो, वो कहते है हम्से निगाहें मिलालो
निगाहों को मालुम क्या दिल की हालत, निगाहों निगाहों मे क्या बात होगी

हमे खिचकर लाया है इश्क तेरा, तेरे दर पे हमने लगाया है डेरा
हमे होगा जब तक ना दिदार तेरा, यहीं सुबह होगी, यहीं रात होगी

महोब्ब्तका जब हमने छेडा फसाना, तो गोरें से मुखडे पे आया पसीनां
जो निकले थे घरसे तो क्या जानते थे, कि यु घुपमे आज बरसात होगी

खफा हमसे होके वो बैठे हुवे है, रकीबोमे घिरके वो बैठे हुवे है
न वो देखते है, न हम देखते है, यहां बात होगी, तो क्या बात होगी

- અજ્ઞાત

5 Responses to “सूना था”

  1. shivshiva Says:

    love to hear this gazal

  2. Dharmesh Says:

    The great gazal in voice of jagjit…!

  3. chetu Says:

    i cant hear there..!..but this gazal is very nice..!

  4. રાજીવ Says:

    Link is working properly for audio… can check once again…!

  5. Nita dal Says:

    *****************
    Ha bhai kyarek bolva karata moun saru

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