सूना था कि वो आयेंगे अंजुमन मे, सूना था कि उनसे मुलाकात होगी
हमे क्या पता था, हमे क्या खबर थी, न ये बात होगी, न वो बात होगी
मे कहेता हुं इस दिलको दिलमे बसालो, वो कहते है हम्से निगाहें मिलालो
निगाहों को मालुम क्या दिल की हालत, निगाहों निगाहों मे क्या बात होगी
हमे खिचकर लाया है इश्क तेरा, तेरे दर पे हमने लगाया है डेरा
हमे होगा जब तक ना दिदार तेरा, यहीं सुबह होगी, यहीं रात होगी
महोब्ब्तका जब हमने छेडा फसाना, तो गोरें से मुखडे पे आया पसीनां
जो निकले थे घरसे तो क्या जानते थे, कि यु घुपमे आज बरसात होगी
खफा हमसे होके वो बैठे हुवे है, रकीबोमे घिरके वो बैठे हुवे है
न वो देखते है, न हम देखते है, यहां बात होगी, तो क्या बात होगी
- અજ્ઞાત
May 4, 2007 at 5:14 AM
love to hear this gazal
May 4, 2007 at 5:23 AM
The great gazal in voice of jagjit…!
May 4, 2007 at 9:31 AM
i cant hear there..!..but this gazal is very nice..!
May 5, 2007 at 2:33 AM
Link is working properly for audio… can check once again…!
November 6, 2009 at 8:09 PM
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Ha bhai kyarek bolva karata moun saru